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३१ अगस्त को मनाये काला दिवस :- डा ओमकार नाथ कटियार

Root News of India 2018-08-26 17:23:35    SPECIAL 7129
३१ अगस्त को मनाये काला दिवस :- डा ओमकार नाथ कटियार
नई दिल्ली, 26 अगस्त (आरएनआई) I देश की आजादी की लडाई लडी गयी १८५७ से १९४७, यानी ९० साल तक चली । जिन अंग्रेजो ने ६०० साल पुरानी मुगलिया सल्तनत खत्म कर दी और जिन अंग्रेजो के पास था बंदूक, रायफल, तोप, गोला बारूद, फौज, यहां तक भारत के सभी राजा महाराजा जमींदार और उनकी फौजे भी अंग्रेजो के साथ थी सबसे पहले किसान अंग्रेजों के खिलाफ १८४२ मे बागी हुआ क्योकि अंग्रेजो ने ग्राम स्वराज की जगह पटवारी, दरोगा, कलक्टर, और जज बैठाये । परिणाम स्वरूप किसानों ने १८५७ लडा और जीता पर पं जवाहर लाल के दादा पं गंगाधर नेहरू ने अंग्रेजो का पहला दिल्ली शहर कोतवाल होते गददारी की जिसके कारण पूरे देश मे आजादी की लडाई छिड गयी तब दो करोड लोग जंग मे मारे गये थे एक करोड को फांसी दी गयी थी सवा लाख गांवो को अंग्रेजो ने जलाया , लूटा, उजाडा और तोपो से नष्ट किया था अकेले आगरा- अवध संयुक्त प्रांत मे दो करोड की आबादी मे एक करोड का कत्ल किया गया था कलकत्ता से काबुल तक ऐसा कोई पेड नही जहां ४-६ लाशे न लटकी हो और ७-८ महीने बाद अंग्रेज फिर से दिल्ली पर काबिज हो गये । फिर शुरू हुआ सामूहिक कत्ले आम और फांसियो का दौर, और सभी शहरो मे पकड पकड कर सामूहिक फांसिया दी जाती रही अकेले जौनपुर जिले मे ७-८-९ जून १८५८ मे तीन लाख भारतियों को फांसिया दी गयी उसके बाद अंग्रेजो ने आम १८६० लगाई और सामूहिक फांसियां दी जाती रही, उसके बाद अंग्रेजो ने सीआरपीसी लगाकर भारतियों पर जुर्म ढाये तब भी जब अंग्रेजो के खिलाफ बगावत कम नही हुई तब अंग्रेजो ने हम सब भारतियो पर अंकित अपराथी जन जाति एक्ट ( नोटीफाइड क्रिमिनल ट्राइब एक्ट १८७१........१९२४.....१९४६ जो ३१ अगस्त १९५२ को पं जवाहर लाल नेहरू ने बडीं चालाकी से इन एक्टो को डीनोटीफाइड (बिमुक्त) किया पर जन्म जाति अपराधी कानून को हैविचुअल एक्ट यानी आदतन कानून ३४ मे बदल कर हम सब पर एक और कालिग पोत दी ये हैविचुअल एक्ट(आदतन कानून) नही होना चाहिये था क्यो कि हम सब के पूर्वज अंग्रेजो के खिलाफ बागी रह कर लाठी ,डंडा, बरछी, भाला, कुदाल,फावडा,और कुल्हाडी और तलवार से लडे और आजादी मिलने के बाद लगभग ढाई करोड बागी लोगो (औरत आदमी बडे बच्चो) को जेल से निकाला सरदार पटेल जी ने देखा कि इनके पास न छप्पर, न मडैया, न घर, न मकान, न पढाई , न नौकरी थी तो सरदार पटेल जी ने होम मिनिस्टर होते हुये ठक्कर बापा कमेटी १९४७-४९ बनाई बाद मे १९४९-५० अयंगर कमेटी ( क्रिमिनल ट्राइब इंक्वारी कमेटी बनाकर तीन पीडियों के लिये मान सम्मान और पेंशन दी क्योकि अंग्रेजो ने हम सबकी ३-४ पीडियो को हर तरह से बर्बाद किया ( जर- जोरू - जमीने लूटी, फांसियां खाई, गोलियां खाई, काले पानी की सजाये काटी, देश निकाले लिये , और ८१ सालो तक जन्म जाति अपराधी अपराधी के मुकदमे चलाये । अंग्रेजो ने कांग्रेस से कहा कि अगर देश पर राज करना है तो किसानो और सभी बिमुक्ति जन जातियो को कुत्ते की तरह भूखा रखो सरदार पटेल तो १५-१२-१९५० को नही रहे, पर पं जवाहर लाल नेहरू ने अपने दादा पं गंगाधर नेहरू की गददारी छुपाने के लिये षडयंत्र किया यहां तक जब फरवरी - मार्च १९५२ मे पहले लोक सभा और बिधान सभा चुनाव हुये पं जवाहर लाल नेहरू ने उन सभी को फिर से जेल मे डाल दिया,और न इनको लोकसभा ,बिधानसभा चुनाव तक नही लडने दिया न उनको वोट देने दिया बल्कि उनको जेलो मे डाल दिया और बाद मे हमदर्दी दिखाते हुये उन सब को डीनोटीफाइड यानी बिमुक्ति कर दिया । केंद्र सरदार इन सबके मान सम्मान के लिये अबतक १३ कमीसन और कमेटी बना चुकी है पर सिफारिसे किसी की नही मानी है । अल हिन्द पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट मे केस किया दो जजो की खंडपीठ ने दिल्ली हाई कोर्ट भेजा हमने दिल्ली हाई कोर्ट मे केस किया कोर्ट के आदेश पर महामहिम राष्टपति राम नाथ कोविन्द जी ने दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायधीश के अधीन ४ सदस्यीय कमीसन २ अक्टूबर २०१७ को बनाना पडा आजादी के ७१ साल बाद पहली बाद राष्टपति जी ने जूडिसियल कमीसन बनाया है जो अपनी रिपोर्ट सीधे महामहिम राष्टपति जी को सौपेगा।

अत: आप सभी से अपील है कि अपने २ संगठनो के माध्यम से अपने जिला अधिकारियों ,उप जिला अधिकारियों के माध्यम से प्रधान मंत्री एवं राष्टपति जी को अपना अपना ज्ञापन दे कि सरकार तुरन्त हैविचुअल एक्ट यानी आदतन कानून खत्म करे और सभी बिमुक्ति जन जातियो और किसानो को स्वतंत्रता सेनानी पेंशन और मान सम्मान दे।

डा ओमकार नाथ कटियार

पूर्व सेना अधिकारी

राष्टीय अधंयक्ष

अल हिन्द पार्टी



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  • मनुष्य से बेहतर टार्डिग्रेड्स
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