24 घंटे का अष्याम आरंभ

Umesh Kumar 2019-03-12 12:27:22    MEDITATION 6192
24 घंटे का अष्याम आरंभ
वैशाली, 12 मार्च (आरएनआई) | वैशाली जिले के सदर प्रखंड के शुभई नयाटोला अवसिथत बाबा कारिख के मंदिर परिसर मे 24घंटे का अष्टयाम मंगलवार को आरंभ हुई।

बताते चले कि स्थांनिय लोगों के सहयोग से बाबा कारिख के मंदिर कुल 11 लाख रुपये के लागत से जिर्णोद्धार कर बाबा कारिख, माता सती ,गौङी नंदंश्री गणेशजी एवं बजरंबली. के प्रतिमा स्थापित करने के उपरांत तीन दिवसीय पूजनोत्सव कार्य सम्मपन्न करने के उपरांत 24 घंटे का अष्याम आरंभ हुई हैं।यह जानकारी देते हुए मंदिर के व्यवस्थापक मोहन राय एवं मंदिर के पुजारी ने बतलाया कि यज्ञ के पूर्णाहुति के बाद सिवान के प्रसिद्ध व्यास मनीष छविला के द्वारा भगवान राम-सीता के विवाह कीर्तन होगी। इस अवसर पर मोहन राय, रामनाथ राय,रामबाबू राय, अनिल राय,रामसोभित राय,सुरेंद्र राय,सहित सैकड़ों ग्रामवासियों ने भाग लिया।


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सुलतानपुर:- विकास की बाट जोहता कादीपुर क्षेत्र का प्रसिद्ध हजारों साल पुराना अघोरपीठ बाबा सत्यनाथ मठ
Shyam Chandra Srivastav 2019-06-24 09:57:52
सुल्तानपुर, 24 जून (आरएनआई) | आध्यात्मिक, राजनैतिक, साहित्य के क्षेत्र में जनपद में ही नहीं वरन पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखने वाला स्थान कादीपुर जो अपने गर्भ में विभिन्न सांस्कृतिक आध्यात्मिक धरोहरों को छिपाए रखा है! इसी क्रम में पुरातात्विक महत्त्व का शैव तंत्र साधना का महत्वपूर्ण स्थान है अघोर पीठ बाबा सत्यनाथ मठ !
संतो की साधना ....योग साधना
Root News of India 2019-06-21 09:30:19
अयोध्या, 21 जून (आरएनआई) | अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर जहां पूरे देश में विविध आयोजन हुआ है। वहीँ धार्मिक नगरी अयोध्या में भी योग दिवस को कई अलग अलग स्थानों पर बड़ी संख्या में योग कर संकल्प को दोहराया कि स्वयं योग को ग्रहण करने के साथ समाज के अन्य लोगो को योग से जोड़ेंगे । जिससे समाज मे हर ब्यक्ति स्वस्थ रहे।(अयोध्‍या से मुकेश कुमार की रिपोर्ट)
Andaman and Nicobar Command joins hands with Sadhguru for International Day of Yoga
Root News of India 2019-06-19 10:05:03
New Delhi, June 19 (RNI): Andaman and Nicobar Command (ANC) will be joining hands with Sadhguru, Founder, Isha Foundation to celebrate the International Day of Yoga. As part of celebrations, Yoga sessions will be conducted in various clusters on 20th and 21st June 2019 at Birchgunj, Minnie Bay and INS Utkrosh. For the final day on 21st June 19, Sadhguru will lead the yoga session on board Floating Dock of Indian Navy (FDN-2). Vice Admiral Bimal Verma, AVSM,ADC, Commander-in-Chief, Andaman and Nicobar Command along with senior officers, personnel and families of the Indian Army, Navy , Air Force and Coast Guard will participate in the event. During both the days, more than 800 personnel and their families are expected to participate. To train the yoga instructors in Ayush protocol, a yoga camp was also conducted from 10th to 16th June 19 at Minnie Bay to enable all components of ANC to conduct independent yoga sessions at various locations. Sadhguru is expected to arrive Port Blair on 20th June 19 and depart on 22nd June 19, post attending the events earmarked for International Day of Yoga. During the visit Sadhguru will be felicitating the organ donors of the Command and will also be interacting with personnel and families of ANC. Discussions during the interaction will cover a range of issues including personal and professional challenges that men and women in uniform face in the line of duty and how yoga can provide much needed balance and vigour that will empower the Armed Forces to perform at peak efficiency in times of peace and conflict. “Andaman and Nicobar Islands are one of nation’s most desolate and vulnerable terrains. The effort of the military’s tri service command to guard the nation’s sovereignty is truly invaluable. It is paramount to equip these soldiers with yogic tools for transformation.” said Sadhguru, ahead of the visit.
ଶ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ଲକ୍ଷ୍ମୀନାରାୟଣ ଜୀଉଙ୍କର ବାର୍ଷିକୋତ୍ସବ
Laxmikanta Nath 2019-06-18 17:18:31
ଭଦ୍ରକ : କୁଆଁସ କଦମ୍ବବେଡା ସ୍ଥିତ ଶ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ଲକ୍ଷ୍ମୀନାରାୟଣ ଜୀଉ ମନ୍ଦିରର ୭ ଦିନ ବ୍ୟାପି ବାର୍ଷିକୋତ୍ସବ ଆରମ୍ଭ ହୋଇଯାଇଛି । ସଂକ୍ରାନ୍ତି ଦିନ ଜୀବନ୍ୟାସ, ପୂଜାର୍ଚ୍ଚନା ସଂଗେସଂଗେ ୨୦ ଜଣ ବ୍ରାହ୍ମଣ ନିମନ୍ତ୍ରୀତ ହୋଇ ସଂପୂର୍ଣ୍ଣ ଭାଗବତ ପାରାୟଣ ଆରମ୍ଭ କରି ସଂପୂର୍ଣ୍ଣ କରିଥିଲେ । ପ୍ରତିଦିନ ସାଂସ୍କୃତିକ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ପାଳନ କରାଯିବା ସହିତ ଷଷ୍ଠ ଦିନରେ ଠାକୁରଙ୍କ ମହାପ୍ରସାଦ ସେବନ ସହ ଏବଂ ସପ୍ତମ ଦିବସରେ ଠାକୁର ଜଳାଶାୟୀ ହେବାର କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ରହିଛି ବୋଲି କମିଟିର ସଂପାଦକ ଶୈଳେନ୍ଦ୍ର ପ୍ରସାଦ ବାରିକ ପ୍ରକାଶ କରିଛନ୍ତି । ଏହି ସାତଦିନରେ ଜିଲ୍ଲାର କୋଣ ଅନୁକୋଣରୁ ଆବାଳବୃଦ୍ଧବନିତା ହଜାରହଜାର ସଂଖ୍ୟାରେ ଉପସ୍ଥିତ ରହି ପ୍ରଭୂଙ୍କ ଆଶିର୍ବାଦ ଭିକ୍ଷା କରିଥାନ୍ତି । ଭଦ୍ରକ ଜିଲ୍ଲାର ଏହା ଏକ ପୁରାତନ ସାମାଜିକ ଓ ସାଂସ୍କୃତିକ ଅନୁଷ୍ଠାନ । କମିଟିର ସଭାପତି ବାଇଧର ବେହେରା ,ସଂପାଦକ ଶୈଳେନ୍ଦ୍ର ପ୍ରସାଦ ବାରିକ, ଉପସଭାପତି ରବୀନ୍ଦ୍ର ପ୍ରସାଦ ବାରିକ , ଚିଦାନନ୍ଦ ବାରିକ,ଅନନ୍ତ ବାରିକ ,ସାଂସ୍କୃତିକ ସଂପାଦକ ତଥା ଆବାହକ ରବି ନାରାୟଣ ଖିଲାର ,ସୁରଜିତ ପାଲ୍,ରଣା ବାବୁ ,ଭୀମ ମାହଲ ,ଜୟଚନ୍ଦ୍ର ପୃଷ୍ଟି ପ୍ରମୁଖ ଗ୍ରାମବାସୀ ଓ କମିଟିର କର୍ମକର୍ତ୍ତାମାନଙ୍କ ତତ୍ୱାବଧାନରେ ୭ ଦିନ ବ୍ୟାପୀ ଏହି ପୂଜାର୍ଚ୍ଚନା ଚାଲୁରହିବ ।
ଜକରର ଅଧିଷ୍ଠାତ୍ରୀ ଦେବୀ ମାଁ' କାଳୂୁଆ ଠାକୁରାଣୀଙ୍କ ଯାତ୍ରା
Laxmikanta Nath 2019-06-14 15:23:19
ଚିକିଟି/ଦିଗପହଣ୍ଡି: ଗଞ୍ଜାମ ଜିଲ୍ଲା ଦିଗପହଣ୍ଡି ବ୍ଲକ୍ ଜକର ଗ୍ରାମ ରେ ଗତ ୧୨.୦୬.୨୦୧୯ ଠାରୁ ଆରମ୍ଭ ହୋଇଛିଅଧିଷ୍ଠାତ୍ରୀ ଦେବୀ ମାଁ' କାଳୂୁଆ ଠାକୁରାଣୀଙ୍କ ଯାତ୍ରା। ଗତକାଲି ବିଳମ୍ବିତ ରାତ୍ରୀରେ ଗ୍ରାମର କାଳୁଆ ମନ୍ଦିରରୁ ମାଁ'ଙ୍କ ଘଟକୁ ଗ୍ରାମପରିକ୍ରମା ପରେ ଅସ୍ଥାୟୀ ମଣ୍ଡପରେ ସ୍ଥାପନା କରାଯାଇଥିଲା। କାଳୁଆ ଯାତ୍ରା ୧୩.୦୬.୧୯ ଠାରୁ ୧୮.୦୬. ୧୯ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ହୋଇ ୧୯ ତାରିଖ ପ୍ରତ୍ୟୁଷରେ ଘଟକୁ ପୁଣି ସ୍ଥାୟୀ ମନ୍ଦିରକୁ ଫେରାଇ ନିଆଯିବ।ପ୍ରତିଦିନ ସକାଳୁ ମଙ୍ଗଳ ଆଳତୀ, ଖରାବେଳେ ମଧ୍ୟାହ୍ନଧୁପ ଓ ସଂଧ୍ୟାରେ ସଂଧ୍ୟଆଳତୀ ସାଙ୍ଗକୁ ରାତିରେ ଦେବୀଙ୍କ ଘଟକୁ ଗ୍ରାମପରିକ୍ରମାରେ ନିଆଯିବା ସହିତ ପ୍ରତିଦିନ ଉଭୟ ଦିନ ଓ ରାତ୍ରୀରେ ରଙ୍ଗାରଙ୍ଗ ସାଂସ୍କୃତିକ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମର ଆୟୋଜନ କରାଯାଇଛି। ଯାତ୍ରାପରିଚାଳନା ପାଇଁ ଠିକାଦାର ତଥା ସମାଜସେବୀ ପ୍ରଶାନ୍ତ କୁମାର ପ୍ରଧାନ, ସରପଞ୍ଚ ଚୈତନ୍ୟ ପ୍ରଧାନ,ଅରୁଣ ପ୍ରଧାନ, ରାଜେନ୍ଦ୍ର ପ୍ରଧାନ ଓ ନକୁଳ ପ୍ରଧାନଙ୍କୁ ନେଇ ଗଠିତ ମାର୍ଗଦର୍ଶକ ମଣ୍ଡଳୀ ନିର୍ଦ୍ଦେଶରେ ଗ୍ରାମବାସୀଙ୍କ ଦ୍ବାରା ଏକ ୪୫ ଜଣିଆ କମିଟି ଗଠନ କରାଯାଇଛି। କମିଟିର ସଭାପତି ରୁପେ ବାବୁନାଥ ପ୍ରଧାନ, ସମ୍ପାଦକ ରୁପେ ବାବାଜୀ କନ୍ୟାରୀ ଓ କୋଷାଧ୍ୟକ୍ଷ ରୁପେ କୃଷ୍ଣଚନ୍ଦ୍ର ପ୍ରଧାନଙ୍କୁ ମନୋନିତ କରାଯାଇଛି। ଗଦାଧର ପ୍ରଧାନ, ବିଘ୍ନେଶ୍ବର ପ୍ରଧାନ ଦିଲ୍ଲିପ ପ୍ରଧାନ , ଯାଦବ ପ୍ରଧାନ, କୃଷ୍ଣଚନ୍ଦ୍ର ପ୍ରଧାନ ଓ ହରି ପ୍ରଧାନ ପ୍ରମୁଖ ବିଭିନ୍ନ ଦାୟିତ୍ତ୍ବ ତୁଲାଉ ଥିବା ବେଳେ ଗ୍ରାନର ଯୁବ ସ୍ବେତ୍ସାସେବୀ ଓ ଗ୍ରାମ ବାସୀ ମାନେ ଯାତ୍ରାୋରିଚାଳନାରେ ସହଯୋଗ କରୁଛନ୍ତି। ରଙ୍ଗାରଙ୍ଗ ସାଂସ୍କୃତିକ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ସାଙ୍ଗକୁ ସଂଧ୍ୟାରେ ସୁସଜ୍ଜିତ ଆଲୋକ ମାଳା ଦର୍ଶକଙ୍କ ମନ ମୋହୁଛି।ରିପୋର୍ଟ-ପ୍ରଫୁଲ କୁମାର ସାବତ
अव्यवस्थाओं के बीच धोपाप धाम में लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
Shyam Chandra Srivastav 2019-06-12 18:20:30
सुलतानपुर, 12 जून (आरएनआई) | सुलतानपुर जनपद के लम्भुआ तहसील क्षेत्र में स्थित पावन धोपाप धाम में गंगा दशहरा पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं ने आदि गंगा गोमती नदी में आस्था की डुबकी लगाई और वहा स्थित राम जानकी मंदिर में पूजा अर्चन किया। दान पुण्य में आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं ने अन्न दान, पिंड दान, गोदान इत्यादि करके पुण्य अर्जित किया। धोपाप मेले में सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस के जवान तैनात थे। गंगा दशहरा पर्व पर धोपाप धाम में जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह लोग प्रसाद वितरण एवं शरबत वितरण किए। धोपाप धाम में श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ विभाग द्वारा कैंप की व्यवस्था थी, जिसमें श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य लाभ दिया जा रहा था। मेले में चैन स्नैचरो कि काफी सक्रियता देखी गई, आधा दर्जन से ज्यादा महिलाओं की चेन निकाली गई। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद चेन स्नैचर महिलाओं को मौके से गिरफ्तार किया। गंगा दशहरा पर्व पर धोपाप धाम मे आदि गंगा गोमती नदी में नहाने आया 23 वर्षीय युवक सूरज गुप्ता पानी में डूब गया, जिससे उसकी मौत हो गई, पुलिस ने मृतक युवक के शव को गोताखोरों की मदद से बाहर निकलवाया और पीएम के लिए भेजा।सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ब्यवस्थित करने मे मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के पसीने छूटने के बावजूद पूरा मेला परिसर अब्यवस्थित होने के कारण श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
प्रसिद्ध तीर्थ धोपाप गंगा दशहरा के अवसर पर जाम से परेशान
Shyam Chandra Srivastav 2019-06-12 10:26:01
सुलतानपुर, 12 जून (आरएनआई) | सुलतानपुर जनपद के लम्भुआ तहसील अन्तर्गत आदि गंगा गोमती नदी के तट पर बसा है पावन पवित्र तीर्थ धोपाप धाम।गंगा दशहरा के अवसर पर यहा गोमती तट पर देश के लाखो श्रद्धालु एकत्र होकर आदि गंगा गोमती मे डुबकी लगा कर सनातन संस्कृति व परम्परा के अनुसार अपना पाप धोकर मुक्त हो जाते है। कहा जाता है कि रावण वध के पश्चात भगवान राम ने ब्रम्ह हत्या दोष से मुक्त होने के लिये आदि गंगा गोमती के इसी स्थान पर आज ही की तिथि मे स्नान कर पाप मुक्त हुये थे।
ज्येष्ठ मास के चौथे अंतिम मंगलवार को मंदिरों में श्री हनुमान जी की विशेष पूजा अर्चना
Rakesh Giri 2019-06-11 16:17:04
बस्ती, 11 जून (आरएनआई) | ज्येष्ठ मास के चौथे अंतिम मंगलवार को मंदिरों में श्री हनुमान जी की विशेष पूजा अर्चना के साथ ही अनेक स्थानों पर भण्डारों का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में भक्तगणों ने प्रसाद ग्रहण किया।
ସ୍ୱପ୍ନେଶ୍ୱର ମହାଦେବଙ୍କ ବିବାହକାର୍ଯ୍ୟ ସମ୍ପନ୍ନ
Laxmikanta Nath 2019-06-10 18:22:53
ଭଦ୍ରକ : ପବିତ୍ର ଶୀତଳ ଷଷ୍ଠୀ ଅବସରରେ ଭଦ୍ରକ ଜିଲା ତିହିଡ଼ି ବ୍ଲକ ମିର୍ଜାପୁର ଗ୍ରାମର ଆରାଧ୍ୟ ଦେବତା ବାବା ସ୍ୱପ୍ନେଶ୍ୱର ମହାଦେବଙ୍କର ବିବାହ କାର୍ଯ୍ୟ ସମ୍ପନ୍ନ ହୋଇଛି । ବର ପିତାଭାବେ ଗ୍ରାମର ଦେବେନ୍ଦ୍ର ନାଥ ଏବଂ କନ୍ୟାପିତା ଭାବେ ହରିପୁର ଗ୍ରାମର ହେମନ୍ତ ନାଥ ବିବାହ କାର୍ଯ୍ୟ ସମ୍ପନ୍ନ କରିଥିଲେ । ଶୁକ୍ରବାର ପୂର୍ବାହ୍ନରେ ହନୁମାନ ବରଧରା ହୋଇ ବାବା ସ୍ୱପ୍ନେଶ୍ୱରଙ୍କ ପିତ୍ରାଳୟକୁ ଯାଇଥିଲେ । ଏଥି ସହିତ ହନୁମାନ ବିବାହ କାର୍ଯ୍ୟରେ ଦେବାଦେବୀଙ୍କୁ ଯୋଗ ଦେବାପାଇଁ ନିମନ୍ତ୍ରଣ କରିଥିଲେ । ସନ୍ଧ୍ୟାରେ ବାବା ସ୍ୱପ୍ନେଶ୍ୱର ଶୋଭାଯାତ୍ରାରେ ବାହାରି ଦଧିବାମନ ଜୀଉ ମନ୍ଦିରରେ ପହଞ୍ôଚବା ପରେ ରାତି ୨ ଘଟିକାରେ ମାତା ପାର୍ବତୀଙ୍କର ପାଣିଗ୍ରହଣ କରିଥିଲେ । ବୃଷଭ, ନାଗନାଗୁଣୀ, ଶ୍ମଶାନ ଜମି ସ୍ୱପ୍ନେସ୍ୱରଙ୍କୁ ଯୌତୁକ ରୂପେ ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଥିଲେ । ଲକ୍ଷ୍ମୀଧର କର, ନିରଞ୍ଜନ କର ଓ କିଶୋର କର ପ୍ରମୁଖ ବେଦ ପଣ୍ଡିତ ଏହି ମାଙ୍ଗଳିକ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ସାମିଲ ହୋଇଥିଲେ । ଅଶୋକ ନାୟକ, ପାର୍ଥସାରଥୀ ନାୟକ, ଶରତ କର, ରମାକାନ୍ତ ନାଥ, ବିଷ୍ଣୁଚନ୍ଦ୍ର ଦାସ, ପୂର୍ଣ୍ଣଚନ୍ଦ୍ର ଜେନା, ମହେନ୍ଦ୍ର ଓଝା, ପ୍ରଭାତ ରାଉଳ, ହୃଷିକେଶ ପଣ୍ଡା, ବସନ୍ତ ନାଥ, ଚନ୍ଦ୍ରକାନ୍ତ ହାତି, ସତ୍ୟଭାମା ନାଥ, ପ୍ରମୋଦ କର, ଜଗନ୍ନାଥ ବେହେରା, ବିପିନ ନାଥ, ଗଜେନ୍ଦ୍ର ନାଥ ଓ ପ୍ରଭାତ ନାଥ ପ୍ରମୁଖ ଗ୍ରାମବାସୀ ଉତ୍ସବରେ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ ।
शहीदी पर्व पर उमड़ी आस्थाः गुरू के लंगर में बटा प्रसाद
Rakesh Giri 2019-06-09 14:31:07
बस्ती, 9 जून (आरएनआई) | सिक्खांे के पांचवे गुरू श्री गुरू अर्जनदेव जी का 413 वां शहीदी पर्व गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा गुरूगोविन्द सिंह चौक कम्पनीबाग में रविवार को श्रद्धा और संकल्प के साथ मनाया गया। गुरूद्वारा के सामने शहीदी पर्व को समर्पित छबील (मीठा जल) एवं गुरू का लंगर प्रसाद के रूप में वितरित किया गया।
ବୈଦିକ ରୀତିରେ ସରିଲା ଦେବଦମ୍ପତିଙ୍କ ବିବାହ
Laxmikanta Nath 2019-06-08 18:31:57
ଭଦ୍ରକ : ଭଦ୍ରକ ଜିଲାର ବାବା ଆଖଣ୍ଡଳମଣିଙ୍କ ପୀଠ ଆରଡ଼ିରେ ଶୁକ୍ରବାର ପବିତ୍ର ଶୀତଳଷଷ୍ଠୀ ପର୍ବରେ ଦେବଦେବ ମହାଦେବ ଓ ଜଗତଜନନୀ ମାତା ପାର୍ବତୀଙ୍କ ବିବାହ ଉତ୍ସବରେ ଲୌକିକ ପରମ୍ପରା ଓ ସଂସ୍କୃତିର ଝଲକ ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଥିଲା । ବିଭିନ୍ନ ଅଞ୍ଚଳରୁ ଆସିଥିବା ଭକ୍ତଙ୍କ ସମାଗମରେ ମନ୍ଦିର ପରିବେଶ ଚଳଚଞ୍ଚଳ ରହିଥିଲା । ସନ୍ଧ୍ୟାରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଥିଲା ବରାନୁଗମନ ଶୋଭାଯାତ୍ରା । ବାଣ, ରୋଶଣି ଓ ବାଦ୍ୟର ଟମକରେ ପରିବେଶ ପ୍ରକମ୍ପିତ ହୋଇଉଠିଥିଲା । ବିଭିନ୍ନ ଅଞ୍ଚଳରୁ ଆସିଥିବା କଳାକାର ଲୋକକଳାର ଆକର୍ଷଣରେ ଭକ୍ତମାନଙ୍କ ମନ ଜିଣି ନେଇଥିଲେ । ବାବାଙ୍କର ଚଳନ୍ତି ପ୍ରତିମାଙ୍କୁ ସୁସଜ୍ଜିତ ବିମାନରେ ବସ୍‌ଷ୍ଟାଣ୍ଡରୁ କନ୍ୟାପିତାଙ୍କ ଗୃହକୁ ନିଆଯାଇଥିଲା । ଶୋଭାଯାତ୍ରାରେ ଶ୍ରୀକ୍ଷେତ୍ର ପୁରୀର ସାହିମେଢ ନୃତ୍ୟ, ବାଘ ନୃତ୍ୟ, ପାଇକ ଆଖଡା, ଗୋଟିପୁଅ ନୃତ୍ୟ, ଡାଇନୋସର ନୃତ୍ୟ, ମୟୂରଚୂଳ, ଦୁଲୁଦୁଲି, ଯୋଡ଼ିଶଙ୍ଖ, ଘଣ୍ଟ, ଝୁମର, ଡ୍ରମ ଆଦି ବାଦ୍ୟ ପରିବେଷିତ ହୋଇଥିଲା । ଏଥିସହିତ ମହିଳା ଓ ପୁରୁଷ କୀର୍ତ୍ତନ ମଣ୍ଡଳୀ, ସ୍ଥାନୀୟ କୀର୍ତ୍ତନ ମଣ୍ଡଳୀଙ୍କ କୀର୍ତ୍ତନ ପରିବେଷଣ ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଥିଲା । ବରାନୁଗମନ ଶୋଭାଯାତ୍ରାରେ ସେବାୟତମାନେ ବେଦପତି ବ୍ରହ୍ମା, ପ୍ରଭୁ ନାରାୟଣ, ଦେବରାଜ ଇନ୍ଦ୍ର, ବରୁଣଦେବ, ଜନ୍ତୁପତି ଯମ, କୁବେର, ମହାଗ୍ରହ ଶନି, ସୂର୍ଯ୍ୟଦେବ, ଚନ୍ଦ୍ରଦେବ, ଦେବର୍ଷି ନାରଦ, ନନ୍ଦୀ, ଭୃଙ୍ଗୀ ଆଦି ଦେବଗଣ, ଦାନବ, କିନ୍ନର ବେଶରେ ନିଜକୁ ସଜ୍ଜିତ କରି ବରଯାତ୍ରୀ ରୂପେ ଉଭା ହୋଇଥିଲେ । ଶୋଭାଯାତ୍ରାରେ ହନୁମାନ ବେଶଧାରୀ ସେବାୟତଙ୍କ ଅଭିନୟ ଆକର୍ଷଣ ସାଜିଥିଲା । ବରଯାତ୍ରୀ ଦଳ କନ୍ୟାଙ୍କ ଘରେ ପହଞ୍ଚିବା ପରେ ସେମାନଙ୍କୁ ଭବ୍ୟ ସ୍ବାଗତ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧନା ଦିଆଯାଇଥିଲା । ଏହାପରେ ବାହାବେଦୀରେ ମନ୍ତ୍ର ଉଚ୍ଚାରଣ ମଧ୍ୟରେ ଆୟୋଜିତ ହୋଇଥିଲା ବିବାହ ଉତ୍ସବ । ଅର୍ଦ୍ଧରାତ୍ରରେ ଫୁଲ ବେଦୀରେ ସ୍ବୟଂ ଶିବଶମ୍ଭୁ ଭୋଳାଶଙ୍କର ମାତା ପାର୍ବତୀଙ୍କ ହାତ ଧରିଥିଲେ । ମନ୍ତ୍ର ପାଠ ସାଙ୍ଗକୁ ହରିବୋଲ, ହୁଳହୁଳି, ଶଙ୍ଖ ଏବଂ ଓଁ ନମଃ ଶିବାୟ ଧ୍ୱନି ମଧ୍ୟରେ ଦେବଦମ୍ପତିଙ୍କ ବିବାହ ସରିଥିଲା । ଏହାପରେ ବରପିତା ଓ କନ୍ୟାପିତାଙ୍କ ସମୁଦୀ ମିଳନ, ଯୌତୁକ ଦାନ ଓ ସବୁଠାରୁ ଉତ୍କଣ୍ଠିତ ମୁହୂର୍ତ୍ତ କନ୍ୟା ବିଦାୟ ବେଳା ଆସିଥିଲା । କନ୍ୟା ମାତାପିତାଙ୍କ ଆଖି ଲୁହରେ ଭିଜି ଉଠିଥିଲା । ବିବାହ ବେଳେ ଦେବଦେବ ମହାଦେବଙ୍କୁ ୨ ଏକର ଶ୍ମଶାନ ଜମି, ୧୦ ହଳ ନାଗ, ୨୫ ବୃଷଭ, ଅନ୍ୟାନ୍ୟ ସ୍ବର୍ଣ୍ଣ ଓ ରୌପ୍ୟ ନିର୍ମିତ ଅଳଙ୍କାର ଯାନିଯୌତୁକ ରୂପେ ଦିଆଯାଇଥିଲା । ଦେବଦମ୍ପତିଙ୍କ ଏହି ବିବାହ ଉତ୍ସବ ସନ୍ଦର୍ଶନ କରି ଅସଂଖ୍ୟ ଭକ୍ତ ଭାବବିହ୍ବଳ ହୋଇପଡ଼ିଥିଲେ ।
बाबा कपिलेश्वर शिवधाम मिथिला का प्रमुख सिद्धतीर्थ
Rupesh Kumar 2019-06-08 18:31:11
मुजफ्फरपुर, 8 जून (आरएनआई) | दरभंगा- 'मिथिला के बैद्यनाथ' नाम से प्रसिद्ध हैं ये मंदिर. यहां कपिल मुनि ने घोर तपस्या से शिव को प्रसन्न कर सिद्धि प्राप्त की, तत्पश्चात सांख्य शास्त्र के जटिल सूत्रों की रचना कर मानव सृष्टि की रचना में पुरूष और प्रकृति की सत्ता प्रमाणित की थी. इस स्थान का महत्व केवल कपिल मुनि द्वारा स्थापित शिवालय के कारण ही नहीं है, बल्कि पुराणों के अनुसार कपिलेश्वर स्थान का महत्व राजा जनक की राजधानी या सुखवास के मुख्य दक्षिणी सीमा पर स्थित रहने के कारण भी है. महर्षि कर्दम व देवहुति के आत्मज कपिल मुनि जो विष्णु के अवतार कहे जाते हैं, ने मिथिलापुरी को दक्षपुत्री सती के शरीरांश गिरने व गिरिराज किशोरी पार्वती का जन्मभूमि होने के कारण परम पवित्र जानकर यहां के घनघोर जंगल एवं महाश्मसान के बीच पवित्र कमला नदी के किनारे आश्रम बनाया। जहां ज्ञान प्राप्ति के लिए कपिल ने शिवलिंग की स्थापना की, जो कपिलेश्वर नाम से विख्यात हुआ। इस शिवलिंग पूजन की परंपरा सहस्त्राब्दियों से है. "महाभारत में इसका उल्लेख उन्हीं के वचनो में -कपिलेश्वर तत: प्राह सांख्यर्षिदेव सम्मत:, मया जग्मान्यनेकानि भक्त्या चाराधिता भव:, प्रीतश्च भगवान ज्ञानं ददौ भवान्तकम्. कपिल व कपिलेश्वर लिंग का वर्णन वृहद विष्णपुराण, श्वेताश्वतर उपनिषद, यामलसारोद्धार तंत्र सहित अनेक प्राचीन ग्रंथों में पाया जाता है". एक स्थान पर उल्लेख मिलता है कि सीताराम विवाह में शिव जनकपुर पधारे थे। जिससे इस शिवलिंग की प्राचीनता सिद्ध होती है. गीता एवं रामायण के अनुसार भी कपिलेश्वर शिव के प्रतिष्ठापक काफी प्राचीन ऋषि हैं. कपिल की बहन अनसूया ने अपने आश्रम में सीता को उपदेश दिया था. ऐतिहासिक प्रमाणों व जनश्रुतियों के आधार पर मुनिवर कपिल मधुबनी के समीन ककरौल गांव के वासी थे. वहीं उनका प्रसिद्ध आश्रम था. जनमानस में बाबा कपिलेश्वर नाथ काम मोक्ष प्रदाता हैं. कपिलेश्वर बाबा जगत के स्वामी, जगत किसान, त्रिभुवन दाता, संतान दाता, धान्य दाता, पशुपति, रोग शोक नाशक बैद्यनाथ, अधम उद्धारक आदि के रूप मे प्रसिद्ध हैं.सावन के सोमवारी को जिले के जयनगर कमला नदी से कांवर में जल लेकर लाखों की संख्या में कांवरिए कमला जल से जलाभिषेक करते हैं. जो यहां से 30 किलोमीटर दूर है. यह मंदिर दरभंगा महाराज के धार्मिक ट्रस्ट के अधीन है. महाराज दरभंगा ने धार्मिक न्यास के तहत 75 एकड़ जमीन दान देकर 25 एकड़ का विशाल सरोवर का निर्माण कराया. कपिलेश्वर शिवालय परिसर का विकास मनौती पूरा होने पर दिए गए दान की राशि व चढ़ावा से प्राप्त राशि से होती है. मंदिर की पूजा-अर्चना, देखरेख आदि पंडों के जिम्मे है. दरभंगा राज द्वारा गुजारा के लिए शिवोत्तर भूमि मिली हुई है. लेकिन पांच शताब्दियां गुजर जाने पर परिवारों की संख्या में वृद्धि व जमींदारी उन्मूलन के बाद रैयती कानून में परिवर्तन को कारण शिवोत्तर भूमि अब नगण्य सी रह गई है. शिवालय के आसपास उचित देख रेख के अभाव में शिवोत्तर भूमि अतिक्रमित है. मंदिर के चहुंओर विभिन्न प्रकार की दुकाने बन जाने से सावन व शिवरात्रि में शिव भक्तों को मंदिर जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. धर्मशाला नहीं रहने से रात में विश्राम करना मुमकिन नहीं है. कपिलेश्वर शिवधाम पहुंचने के लिए मधुबनी जिला मुख्यालय से आठ किलोमीटर पश्चिम मे यह शिवधाम तीन पक्की सड़कों, मधुबनी से रहिका, मधुबनी- ककरौल चौक-कपिलेश्वर स्थान, एवं मधुबनी-सीमा-कपिलेश्वर स्थान से जुड़ा है. राजधानी पटना से जयनगर के रहिका जाने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बस व अन्य वाहनों से चलकर आप पहुंच सकते है. यह धाम सड़क के किनारे स्थित है.
भगवान गणेश पूजन के साथ श्रीमद्भागवत शुरू
Neeraj Chakrapani 2019-06-07 16:07:20
सासनी, 7 जून (आरएनआई) | मोहल्ला सारस्वतान मेंडू के स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में भगवान श्रीगणेश पूजन के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ किया गया। कथा प्रवक्ता आचार्य श्री राघव जी महाराज के सानिध्य में नगर पालिका हाथरस अध्यक्ष आशीष शर्मा ने भगवान श्री गणेश का पूजन एवं आरती की।
ईद मुबारक! देशभरात रमजान ईदचा उत्साह...
Jeevan Kautik Suralkar 2019-06-05 09:37:35
मुंबई - जामा मशीदेचे शाही इमाम सय्यद अहमद बुखारी यांनी मंगळवारी चंद्र दिसल्याचे जाहीर केले. त्यानुसार आज देशभरात ईद-उल-फित्र (रमजान ईंद) साजरी केली जात आहे.
राम कथा को सुनने से मन को शांति मिलती है- अनूप महराज
Ram Prakash Rathore 2019-06-04 15:45:12
शाहाबाद, 4 जून (आरएनआई) | तहसील के थाना लोनार के ग्राम असलापुर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास श्रध्देय श्री अनूप ठाकुर महाराज ने बताया कि राम कथा का वो पावर है। जिसे सुनने के लिए दया के सिंधु कृपा के सागर श्री भोलेनाथ महात्मा कुम्भज एक गढ़े के पास गये "एक बार त्रेता युग माहीं शम्भु गयेऊ कुम्भज ऋषि पाहीं" । राम कथा को सुनने से होता है लाभ और हानि । राम कथा को सुनने से भोलेनाथ को लाभ हुआ और सती जी को हानि हुयी। जिस समय पर भोलेनाथ कथा को सुनने को आये तो दो अच्छरों का नाम शंभु था ।और कथा को सुना तो महेश हो गये। एक अच्छर का लाभ हुआ "सुनि महेश परम सुख मानी" और पूर्ण कथा को सुनकर विदा मांग कर चले तो शंभु से त्रिपुरारी हो गये। दो अच्छरों का लाभ हुआ "मुनि सन विदा मांग त्रिपुरारी" और सती जी ने ध्यान से कथा को नहीं सुना तो सती जी को हानि हुयी । जिस समय पर सती जी कथा को सुनने आयी थी। तो गोस्वामी तुलसीदास जी ने पूरे संसार की जननी माता लिखा था। "संग सती जग जननी भवानी" और कथा नहीं सुना तो जग जननी से साधारण दक्ष की लड़की लिखा गया। "चलें भवन संग दक्ष कुमारी" महाराज श्री ने कथा को सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। कथा को सुनने के लिए हजारों की संख्या में भक्त मौजूद रहें।
Over 1 lakh pilgrims register for Amarnath pilgrimage
Root News of India 2019-06-03 09:58:29
New Delhi, June 3 (RNI): Over 1.10 lakh devotees have registered for this year's annual pilgrimage to the Amarnath cave shrine in south Kashmir which begins on July 1.
इजराइल के जुल्म के खिलाफ मानवाधिकार आगे आये-मौलाना जफर अब्बास रिजवी
Shyam Chandra Srivastav 2019-05-31 21:09:12
सुलतानपुर, 31 मई (आरएनआई) | आज आलमी यौमे कुद्स के मौके पर भांई में अलविदा जुमा की नमाज़ के बाद शिया जामा मस्जिद के पास फिलिस्तीनी अवाम के साथ इज़राईल हुकुमत द्वारा किये जा रहे ज़ुल्म के खिलाफ - इज़राईल मुर्दाबाद, अमेरिका मुर्दाबाद, आले सऊद मुर्दाबाद, हिन्दुस्तान ज़िन्दाबाद, इमाम ख़ुमैनी ज़िन्दाबाद के ज़ोरदार नारे लगे । जलसे को ख़िताब करते हुए मौलाना ज़फर अब्बास रिज़वी ने कहा कि इज़राईल ने अमेरिका और आले सऊद की शह पर फिलीस्तीन मे नाजायज़ कब्ज़ा कर रखा है और पचासों साल से वहां की अवाम औरतों और बच्चों पर ज़ुल्म कर रहा है। बड़े दुख और शर्म की बात है कि इज़राईल बैतुल मुकद्दस की हुरमत से भी खिलवाड़ कर रहा है और मुस्लिम ममालिक चुप्पी साधे हैं और सऊदी हुकुमत जो मुस्लिम देशों का चौधरी बनता है इज़राईल की मदद कर रहा है। मौलाना ने कहा कि अमेरिका इंसानी हुक़ूक का ठेकेदार बनता है, फिलीस्तीन में हो रहा ज़ुल्म उसे दिखाई नहीं दे रहा है। माहे रमज़ान के अलविदा जुमा को इज़राईल,अमेरिका और तमाम ज़ालिम हुकुमतों के अन्याय के ख़िलाफ विरोध प्रदर्शन करने का आह्वावन आलमी रहबरे मिल्लत इमामे ख़ुमैनी ने किया था जो आज आलमी स्तर पर जारी है। उन्होंने कहा कि इमामे ख़ुमैनी का ये एहतेजाज किसी धर्म या संप्रदाय के ख़िलाफ नहीं था बल्कि इंसाफ और इंसानियत की बुनियाद पर था। वाजे रहे कि फिलीस्तीन की आबादी की अक्सरियत सुन्नी मुसलमानों की है। इसीलिए इमाम ख़ुमैनी ने कहा था कि इज़राईल की ज़्यादितियों के विरोध में दुनिया के सारे मुसलमानों और इंसाफ पसंद लोगो को एक होकर आवाज़ बुलन्द करनी चाहिए। विरोध प्रदर्शन में जवाद असग़र ( प्रिंसिपल डिग्री काॅलेज), माननीय सफ़दर रज़ा ( पूर्व विधायक ), मुज़फ्फर अब्बास ज़ैदी, मुश्ताक हुसैन, कासिम हुसैन, कौसर ज़ैदी, अबू मोहम्मद, हाजी अबरार हुसैन, मोहम्मद क़ैसर फौजी, शब्बीर हुसैन, सकलैन, नज्जू प्रधान, मज़हर हुसैन, सग़ीर अब्बास, मो हनीफ़ खां सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे, सभी ने एक स्वर से भारत के प्रधानमंञी से मांग की कि फिलीस्तीन में इज़राईल की ज़ुल्म के खिलाफ और मानवाधिकार के लिए सरकार अपने स्तर से उचित कदम उठाए।
अकीदत के साथ अदा की गयी अलविदा की नमाज
Mahendra Kumar Agrawal 2019-05-31 18:36:11
-रोजेदार नमाजियों ने नमाज अदा कर मांगी मुल्क की शान्ति व अमन की दुआएंसीतापुर, 31 मई (आरएनआई) | जनपद की तमाम मस्जिदों मे पूरी अकीदत के साथ जुमा अलविदा की नमाज अदा की गई। जिसे छोटी ईद के नाम से भी जाना जाता है। जुमा अलविदा के चलते नगर व ग्रामीण क्षेत्र की मस्जिदों मे रोजेदार नमाजियों की बड़ी तादात मौजूद रही। नगर में स्थित विभिन्न मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की गयी। रोजेदारों ने नमाज अदा कर मुल्क की तरक्की व अमन शान्ति की दुआ मांगी। वहीं खैराबाद की पुरानी बाजार स्थिति मरकज जामा मस्जिद, दरगाह हजरत बड़े मखदूम साहब, दरगाह हजरत असलम मियां, दरगाह हजरत छोटे मखदूम साहब, शीशे वाली मस्जिद, दरी मण्डी मस्जिद, कजियारा मस्जिद, इमामबाड़ा मस्जिद सहित हर मस्जिदों में नमाजियों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद रोजेदार नमाजियों ने मुल्क की अमन व शांति के लिए दुआएं मांगीं।
गंगा दशहरा करीब, क्षेत्र के पौराणिक व प्रसिद्ध तीर्थ धोपाप में अव्यवस्थाओं का बोलबाला।
Shyam Chandra Srivastav 2019-05-29 12:31:17
सुलतानपुर, 29 मई (आरएनआई) | गंगा दशहरा करीब होने के बावजूदजनपद के पावन प्रसिद्ध पौराणिक तीर्थ स्थल धोपाप धाम में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई है। जबकि गंगा दशहरा के अवसर पर लाखों श्रद्धालु धोपाप धाम में स्थित गोमती में डुबकी लगाकर पूजा अर्चना करते हैं। धाम में चारों तरफ अव्यवस्थाओं का बोलबाला है।
आपसी भाईचारे, अमन व मोहब्बत का पैगाम दे रहे रोजा इफ्तार
Mahendra Kumar Agrawal 2019-05-28 14:13:38
सीतापुर, 28 मई (आरएनआई) | रमजान उल मुबारक के पाक माहीने में आयोजित होने वाले सामूहिक रोजा इफ्तार पार्टी आपसी सौहार्द व भाईचारे को मजबूती प्रदान करने के साथ.साथ समाज को अमन.चैन व मोहब्बत का पैगाम भी दे रहे हैं। दावते इफ्तार में शामिल हिदू मुस्लिम भाई यह संदेश दे रहे हैं कि समाज में जहर घोलने वालों की संख्या शांति व मिल्लत चाहने वाले से अधिक नहीं है। इसकी एक बानगी रामकोट कस्बे में भी दिखाई दी। यहां रामकोट ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामनिवास वर्मा उर्फ पप्पू वर्मा के आवास परिसर में सामूहिक रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन हुआ। शाम को निर्धारित वक्त पर अजान की सदा बुलंद होते ही बच्चों व बड़ों ने रोजा खोलते हुए खुदा का शुक्र अदा किया। इफ्तार के बाद मगरिब की नमाज हाफिज जलील अहमद ने अदा कराई। इसके बाद दुआओं का एहतेमाम किया गया। इस मौके पर यहां रोजेदारों की जुटान ही नहीं हुई, बल्कि इफ्तार व मगरिब की नमाज के बाद बारगाहे इलाही में दुआएं मांगी गई। इफ्तार के बाद रोजेदारों ने उनके आवास परिसर में ही मगरिब की नमाज अदाकर मुल्क की सलामती, तरक्की और खुशहाली के लिए दुआएं भी मांगी। इस अवसर पर आशू वर्मा, लकी वर्मा, नरेश वर्मा, राजू वर्मा, सज्जाद अली, असगर अली सिद्दीकी, कय्यूम सिद्दीकी, मोहम्मद रियाज सिद्दीकी, समीर सिद्दीकी, खलील अहमद, मो0 जीशान, मो0 अल्ताफ, मुन्ना, उस्मान, जमील अहमद, हसमत कुरैशी, आमिर कुरैशी, सलीम, मुजफ्फर आदि मौजूद रहे।

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